रोज़ एक श्लोक के साथ भगवद् गीता का ज्ञान
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भगवद् गीता के प्रसिद्ध श्लोक अर्थ सहित
यहां गीता के कुछ प्रसिद्ध श्लोकों का चयन है, हर एक मूल संस्कृत और सरल अर्थ के साथ। ऐप में हर दिन एक अलग श्लोक दिखता है।
अध्याय 2, श्लोक 47
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फलों में कभी नहीं। फल को अपना उद्देश्य मत बनाओ और कर्म न करने में भी आसक्त मत हो।
अध्याय 2, श्लोक 48
योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय।
सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते॥
योग में स्थित होकर, आसक्ति छोड़कर कर्म करो और सफलता-असफलता में समभाव रखो। इस समता को ही योग कहा जाता है।
अध्याय 2, श्लोक 14
मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः।
आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत॥
सर्दी-गर्मी और सुख-दुख ऋतुओं की तरह आते-जाते रहते हैं। वे स्थायी नहीं हैं, इसलिए उन्हें धैर्य से सहना सीखो।
अध्याय 2, श्लोक 20
न जायते म्रियते वा कदाचिन्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः।
अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो न हन्यते हन्यमाने शरीरे॥
आत्मा न कभी जन्म लेती है और न मरती है। वह अजन्मा, नित्य, शाश्वत और पुरातन है, शरीर के नष्ट होने पर भी उसका नाश नहीं होता।
अध्याय 4, श्लोक 7
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब मैं स्वयं को प्रकट करता हूं।
अध्याय 6, श्लोक 5
उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्।
आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः॥
अपने मन के द्वारा स्वयं का उद्धार करो, स्वयं को गिरने मत दो। मन ही आपका सबसे अच्छा मित्र भी हो सकता है और सबसे बड़ा शत्रु भी।
अध्याय 18, श्लोक 66
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥
सब अन्य धर्मों को छोड़कर केवल मेरी शरण में आ जाओ। मैं तुम्हें सब पापों से मुक्त कर दूंगा। शोक मत करो।
ऐप में सभी 700 श्लोक हैं, हर एक के साथ पूरा अंग्रेज़ी अनुवाद और व्याख्या, और हर सुबह आज का नया श्लोक।
भगवद् गीता के अध्यायों की सूची और श्लोक संख्या
भगवद् गीता 700 श्लोकों का वह संवाद है जो कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण के बीच हुआ, और महाभारत का हिस्सा है। यह 18 अध्यायों में बंटी है, और हर अध्याय एक योग कहलाता है।
| # | अध्याय | श्लोक |
|---|---|---|
| 1 | अर्जुन विषाद योग युद्धभूमि में अर्जुन का शोक | 47 |
| 2 | सांख्य योग अमर आत्मा और निष्काम कर्म | 72 |
| 3 | कर्म योग कर्म का योग | 43 |
| 4 | ज्ञान कर्म संन्यास योग ज्ञान और कर्मफल का त्याग | 42 |
| 5 | कर्म संन्यास योग संन्यास और कर्म | 29 |
| 6 | ध्यान योग ध्यान और मन पर विजय | 47 |
| 7 | ज्ञान विज्ञान योग ज्ञान और विज्ञान | 30 |
| 8 | अक्षर ब्रह्म योग अविनाशी परम तत्व | 28 |
| 9 | राज विद्या राज गुह्य योग राजविद्या और राजगुह्य | 34 |
| 10 | विभूति योग दिव्य विभूतियां | 42 |
| 11 | विश्वरूप दर्शन योग विश्वरूप के दर्शन | 55 |
| 12 | भक्ति योग भक्ति का योग | 20 |
| 13 | क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग क्षेत्र और क्षेत्र को जानने वाला | 34 |
| 14 | गुणत्रय विभाग योग प्रकृति के तीन गुण | 27 |
| 15 | पुरुषोत्तम योग परम पुरुष | 20 |
| 16 | दैवासुर संपद् विभाग योग दैवी और आसुरी गुण | 24 |
| 17 | श्रद्धात्रय विभाग योग श्रद्धा के तीन प्रकार | 28 |
| 18 | मोक्ष संन्यास योग त्याग के द्वारा मोक्ष | 78 |
हर दिन भगवद् गीता कैसे पढ़ें
- छोटी शुरुआत करें। रोज़ एक श्लोक काफ़ी है। उसे धीरे-धीरे पढ़ें, फिर उसका अर्थ पढ़ें।
- समय तय करें। सुबह, काम से पहले या सोने से पहले: हर दिन एक ही समय पर पढ़ने से यह आदत बन जाती है।
- संस्कृत भी पढ़ें। संस्कृत न जानते हों तब भी श्लोक को ज़ोर से बोलने से वह याद रहता है।
- ज़रूरत के हिसाब से खोजें। तनाव, उलझन या उदासी महसूस हो रही है? शांति, कर्तव्य या कर्म जैसे शब्द खोजें।
- एक मिनट मनन करें। खुद से पूछें कि यह श्लोक आज आपके जीवन में कैसे लागू होता है, या एक विचार लिख लें।
लोग क्या पूछते हैं
क्या गीता ऐप मुफ़्त है?
हां। Gita – Daily Venture डाउनलोड करना मुफ़्त है।
क्या इसमें सभी श्लोक हैं?
हां। भगवद् गीता के सभी 18 अध्याय और सभी 700 श्लोक शामिल हैं।
श्लोक किन भाषाओं में हैं?
हर श्लोक मूल संस्कृत (देवनागरी लिपि) में अंग्रेज़ी अनुवाद और व्याख्या के साथ दिखता है। ऐप स्वयं अंग्रेज़ी में है।
क्या मैं विषय से गीता खोज सकता हूं?
हां। कर्म, शांति या कर्तव्य जैसा कोई भी शब्द लिखें और उसका उल्लेख करने वाले सभी श्लोक पाएं।
क्या रोज़ाना श्लोक का रिमाइंडर है?
हां। रोज़ एक श्लोक पाने के लिए दैनिक रिमाइंडर चालू करें।
कौन-से डिवाइस समर्थित हैं?
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